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Main points:Address of H.E. the Governor of Rajasthan

Main points:Address of H.E. the Governor of Rajasthan
राज्यपाल महोदय के अभिभाषण के मुख्य बिन्दु

14वीं विधानसभा के षष्ठम् सत्र में राज्यपाल ने  राज्य सरकार के गत 2 वर्षाें में लिए गए महत्त्वपूर्ण निर्णयों के परिणाम पर चर्चा की।

मुख्य बिंदु- 


  • श्रम कानूनों में संषोधन करने के साथ ही 248 अप्रासंगिक कानून समाप्त करने की अनूठी पहल की है।
  • पेयजल समस्या का स्थायी समाधान करने के लिए मुख्यमंत्री जल स्वालम्बन अभियान 27 जनवरी 2016 से प्रारम्भ किया गया है। इसमें जनप्रतिनिधिगण, धर्मगुरू, सामाजिक व स्वयंसेवी संगठन, दानदाता, कर्मचारीगण एवं आम नागरिकों की सक्रिय सहभागिता सुनिष्चित की गई है। राज्य के 21 हजार गांवों में अगले 4 वर्षों में जलसंरक्षण के कार्य करवाये जायेंगे। प्रथम वर्ष में 3 हजार 529 गांवों में 3 हजार 500 करोड़ रुपये के कार्य विभिन्न योजनाओं एवं जन सहयोग के माध्यम से करवाये जा रहे हैं।   
  • भारत सरकार द्वारा प्रथम चरण में देश के 20 शहरों में जयपुर एवं उदयपुर को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने के लिए चयनित किया गया है। 
  • आरोग्य राजस्थान एवं भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना जैसे नवाचारों से हम स्वस्थ प्रदेश के निर्माण की ओर अग्रसर हो रहे हैं। 
  • सफलतापूर्वक रिसर्जेंट राजस्थान पार्टनरशिप समिट-2015 का आयोजन किया है। इसमें 3 लाख 21 हजार करोड़ रुपये के एम.ओ.यू. किये गये हैं।
  • राजस्थान को सर्वाधिक सौर ऊर्जा सयंत्र स्थापित करने पर भारत सरकार द्वारा पुरस्कृत किया गया है। कौशल भारत कार्यक्रम में निजी आईटीआई की संख्या की दृष्टि से राजस्थान देष में पहले स्थान पर है। 
  • राज्य की वार्षिक योजना 2015-16 में 71 हजार 405 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वार्षिक योजना में सर्वोच्च प्राथमिकता सामाजिक एवं सामुदायिक सेवाओं को प्रदान की गई है। 
  • वित्तीय समावेशन, महिला सषक्त्तीकरण और सेवाओं के बेहतर वितरण के उद्देष्य से 15 अगस्त, 2014 से प्रारम्भ की गई भामाशाह योजना के तहत कुल 1 करोड़ 9 लाख परिवारों के 3 करोड़ 78 लाख व्यक्तियों का नामांकन किया जा चुका है। इनमें से 60 लाख व्यक्तियों को भामाशाह कार्ड वितरित किये जा चुके हैं। भामाशाह योजना के प्रथम चरण में सार्वजनिक वितरण प्रणाली, मनरेगा, सामाजिक सुरक्षा पेन्षन इत्यादि योजनाओं के तहत वर्ष 2015 में 1 करोड़ 64 लाख ट्रांजेक्शन के जरिए 1100 करोड़ रुपये की राशि सीधे ही लाभार्थियों के खाते में हस्तांतरित की गई है।
  • भामाशाह योजनान्तर्गत नामांकित बी.पी.एल, स्टेट बी.पी.एल., अन्त्योदय व अन्नपूर्णा में चयनित परिवारों की महिला मुखियाओं को 2 हजार रुपये प्रति परिवार सहायता राषि का भुगतान आॅनलाइन प्रक्रिया अपनाते हुए किया जा रहा है। दिसम्बर, 2015 तक 10 लाख 69 हजार परिवारों के खाते में 208 करोड़ 67 लाख रुपये की राषि हस्तान्तरित की जा चुकी है। 
  • राज्य में पहली बार वर्ष 2015-16 में 1 हजार 559 किलोमीटर लम्बाई के 6 नवीन राष्ट्रीय राज मार्ग घोषित किये गये हैं। 
  • राज्य के सभी ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर सीमेन्ट कंक्रीट की सड़क मय नालियों के निर्माण कर ग्रामीण गौरव पथ के रूप मे विकसित किया जा रहा है। इसके प्रथम चरण में अब तक 1 हजार 782 ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर 1 हजार 544 किलोमीटर लम्बाई में ग्रामीण गौरव पथ का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। 
  • नागौर जिले को फ्लोराइड से मुक्त करने हेतु 28 अक्टूबर 2015 को जापान की सहायता से जाइका परियोजना के तहत ट्रांसमिशन मैन के 1 हजार 490 करोड़ रुपये लागत के कार्य का शुभारम्भ किया गया। 
  • राज्य में पहली बार सौर ऊर्जा आधारित नलकूपों की स्थापना करने की पहल की गयी है।  इससे विद्युत की अनुपलब्धता या भूजल स्तर नीचे जाने के कारण हैण्डपम्प संचालन में कठिनाई वाले क्षेत्रों में भी जल उपलब्ध करवाना संभव हो पायेगा। 
  • सरकार की कक्षा प्रथम से संस्कृत अध्ययन-अध्यापन अनिवार्य किये जाने की घोषणा के अनुरूप प्रथम कक्षा की संस्कृत पुस्तक तैयार कर ली गई है। 
  • वर्ष 2015-16 में 1 हजार 340 विद्यालयों को आदर्श विद्यालयों के रूप में विकसित किया जा रहा है।
  • राज्य के 12 हजार 370 समन्वित राजकीय माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों में कक्षा 1 से 5 के विद्यार्थियों के शैक्षिक स्तर उन्नयन के उद्देश्य से स्टेट इनीशियेटिव फाॅर क्वालिटी एजूकेशन परियोजना प्रारम्भ की गई है। इस परियोजना से लगभग 11 लाख 50 हजार विद्यार्थी लाभान्वित होंगे। 
  • राज्य के शैक्षिक दृष्टि से पिछड़े 186 ब्लाॅक्स में से 71 ब्लाॅक्स में अंग्रेजी माध्यम के स्वामी विवेकानन्द राजकीय माॅडल स्कूलों का संचालन प्रारम्भ किया जा चुका है। 
  • विद्यालयों के प्रबन्धन के सुदृढ़ीकरण हेतु “शालादर्पण आॅनलाइन पोर्टल” प्रारंभ किया गया है। विद्यार्थियों को डिजिटल सामग्री उपलब्ध कराने हेतु ”ई-ज्ञान“ पोर्टल प्रारंभ किया गया है।
  • राज्य में पहली बार 5 करोड़ रुपये की लागत से अति आधुनिक 3 डी प्रिंटिंग एवं रोबोटिक लैब की स्थापना राज्य के सेंटर फाॅर इलेक्ट्रोनिक गवर्नेन्स संस्था जयपुर में की जा रही है। धौलपुर, बारां एवं करौली जिलों में 3 नये राजकीय अभियांत्रिकी महाविद्यालय तथा बाड़मेर में पेट्रोलियम इंजीनियरिंग शाखा सहित राजकीय अभियांत्रिकी महाविद्यालय स्थापित करने की स्वीकृति प्रदान की गयी है। 
  • राज्य सरकार प्रदेश में चिकित्सा सेवाओं के आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने एवं जन-जन तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ कराने के लिए संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है। प्रदेश में 13 दिसम्बर 2015 से प्रारंभ की गयी भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत भामाशाह कार्ड धारक प्रदेश की 67 प्रतिशत से अधिक आबादी को स्वास्थ्य बीमा योजना से जोड़कर 30 हजार से 3 लाख रूपए तक का निःशुल्क स्वास्थ्य बीमा कवर उपलब्ध करवाकर इंडोर मरीजों को कैशलेस उपचार की सुविधा सुलभ करवायी जा रही है। न्यू इंडिया एश्योरेन्स कम्पनी के साथ अनुबंध के बाद प्रारंभ हुई इस योजना से 15 फरवरी 2016 तक 367 राजकीय एवं 320 निजी चिकित्सालय जोड़े जा चुके हैं। इस योजना मेें देश में सर्वाधिक कुल 1 हजार 715 बीमारियों को कवर किया गया है। 
  • दूरस्थ क्षेत्रों में गुणवत्तायुक्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने हेतु पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रारंभ की गई ‘हैल्थ रूट स्कीम' के सार्थक परिणाम दृष्टिगोचर हो रहे हैं। इसके साथ ही आरोग्य राजस्थान अभियान 1 अक्टूबर 2015 को प्रारंभ कर 1 करोड़ 5 लाख ग्रामीण परिवारों का घर-घर जाकर सर्वेक्षण किया गया। स्वास्थ्य सर्वेक्षण फार्म से प्रत्येक व्यक्ति का ई-हैल्थ कार्ड बनाया जायेगा एवं हैल्थ इन्र्फोमेशन नेटवर्क तैयार किया जायेगा। 
  • कुपोषण की समस्या के व्यापक समाधान के लिए पोषण कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है। इसके तहत राजस्थान के उच्च प्राथमिकता वाले 10 जिलों तथा 3 जनजातीय जिले प्रतापगढ़, सिरोही तथा बारां, कुल 13 जिलों के 41 खण्डों में 555 उप स्वास्थ्य केन्द्रों के अन्तर्गत आने वाले लगभग 1700 गांवों के 10 हजार कुपोषित बच्चों के साथ कुपोषण प्रबंधन का समुदाय आधारित कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है।
  • हाईरिस्क प्रेगनेन्सी के प्रबंधन एवं देखभाल हेतु 11 जुलाई 2015 से कुशल मंगल कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया है। पीसीपीएनडीटी एक्ट की पालना में राजस्थान देश का पहला ऐसा राज्य है जहां प्रत्येक सोनोग्राफी मशीन के साथ एक्टिव ट्रेकर लगाने के बाद अब नई मशीनों के साथ जीपीएस भी लगवाया जा रहा है। 
  • निःशुल्क सेनेटरी नेपकिन वितरण कार्यक्रम के तहत 2 अक्टूबर 2015 से 7 जिलों की 3 लाख 50 हजार किशोरियों को निःशुल्क सेनेटरी नेपकिन वितरित की जा रही है। इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए प्रदेशभर के ग्रामीण स्कूलों में लगभग 15 लाख 50 हजार किशोरियों व लगभग 4 लाख 50 हजार ग्रामीण क्षेत्र की स्कूल नहीं जाने वाली बीपीएल किशोरियों को 8 मार्च 2016 से लागू कर वितरित किया जायेगा। 
  • प्रदेश की आशा सहयोगिनियों को उनके कार्य के आधार पर प्रोत्साहन राशि का आॅनलाइन भुगतान उनके खाते में ‘‘आशा साॅफ्ट‘‘ के माध्यम से किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रारंभ किये गये ई-उपकरण, ओजस साॅफ्टवेयर, ई-शुभलक्ष्मी सहित अन्य ई-इनिशिऐटिव को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना प्राप्त हुई है।  
  • आजादी के बाद से लेकर अब तक राजस्थान में राजकीय क्षेत्र में 7 मेडिकल काॅलेज स्थापित किये गये थे। सरकार ने ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए 7 नये मेडिकल काॅलेज स्वीकृत किये। इनमें 6 नये मेडिकल काॅलेजों यथा चूरू, डूंगरपूर, भीलवाड़ा, बाड़मेर, भरतपुर तथा पाली की स्थापना का कार्य प्रगति पर है। 
  • आयुष का देश का सबसे बड़ा आधारभूत ढांचा राजस्थान में है। यहां 5 हजार 124 आयुर्वेद, होम्योपैथिक, यूनानी तथा योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा केन्द्र हैं। राज्य सरकार आयुष पद्धतियों, आयुर्वेद, यूनानी, होम्योपैथी, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा तथा सिद्धा के विकास तथा प्रसार को विषेष महत्व दे रही है। 
  • सौर ऊर्जा नीति 2014 के तहत 26 हजार मेगावाट के 4 सोलर पार्क्स और 24 हजार मेगावाट के 5 सोलर पावर प्लांट स्थापित करने के एमओयू किए हैं।
  • विद्युत की मांग व उपलब्धता अनुरूप विद्युत आपूर्ति के लिए प्रतिस्पर्धात्मक विद्युत दरों पर आवश्यकता अनुरूप विद्युत की खरीद व बेहतर प्रबन्धन हेतु विद्युत ऊर्जा विकास निगम का गठन किया गया है।
  • ऐसे युवा उद्यमी जिनके पास कोई अभिनव विचार है, उनको प्रोत्साहित करने की दृष्टि से राजस्थान स्टार्टअप पाॅलिसी 2015 जारी की गई। इस नीति के तहत राजस्थान में अगले पांच वर्षों में लगभग 500 स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित किया जायेगा तथा 50 इंक्यूबेटर्स स्थापित किए जायेंगे। विभिन्न विभागों द्वारा प्रक्रियाओं का सरलीकरण तथा कम्प्यूटरीकरण का कार्य हाथ में लिया गया है। इसी के परिणामस्वरूप ईज आॅफ डूइंग बिजनेस की रैंकिंग में राजस्थान देषभर में छठे स्थान पर रहा।
  • सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम क्षेत्र के विकास हेतु राज्य सरकार ने उद्यमिता ज्ञापन जारी करने हेतु आॅनलाइन पंजीकरण सुविधा समस्त जिला उद्योग केन्द्रों में अप्रैल, 2015 से लागू की है। एम.एस.एम.ई. पाॅलिसी 2015 जारी कर इसके क्रियान्वयन हेतु राजस्थान एम.एस.एम.ई. असिस्टेंस स्कीम 2015, राजस्थान सिक, माइक्रो एंड स्माल एंटरप्राइज (रिवाइवल एंड रिहैबलिटेशन) स्कीम 2015 एवं शिक्षित बेरोजगार युवाओं, महिलाओं, अनुसूचित जाति एवं जनजाति एवं विशेष योग्यजनों का स्वयं का उद्यम प्रारम्भ करने हेतु 6 से 7 प्रतिशत की दर पर बैंकों से ऋण उपलब्ध कराने हेतु भामाशाह रोजगार सृजन योजना दिसम्बर 2015 से लागू कर दी गई है। 
  • उदयपुर शहर के खेलगांव में जनजाति बालकों हेतु तीरंदाजी अकादमी प्रारंभ की गई। 
  • हिंसा अथवा उत्पीड़न की शिकार महिलाओं को एक स्थान पर निःशुल्क चिकित्सा, पुलिस, विधिक, परामर्श एवं आश्रय आदि सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ‘अपराजिता’ केन्द्र की स्थापना की गई। महिलाओं को राहत व न्याय सुलभ करवाने के लिए 24 घण्टे संचालित इसी माॅडल पर केन्द्र द्वारा सभी राज्यों में ‘‘वन स्टाॅप सेंटर’’ (सखी) शुरू करने की कार्यवाही की जा रही है।
  • शिशु लिंगानुपात को संतुलित करने, बालिका शिक्षा को बढ़ाने तथा बालिकाओं के सम्पूर्ण विकास हेतु जनवरी, 2015 से राजस्थान के 10 जिलों में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है।  
  • आंगनबाडी भवनों के निर्माण हेतु महात्मा गांधी नरेगा से कनवर्जेन्स के तहत 1 हजार 385 आंगनबाडी भवनों के निर्माण की स्वीकृति जारी की गई। जन सहभागिता बढ़ाने के लिए नन्द घर योजना प्रारम्भ की गई है। 
  • साइबर ग्राम योजना अन्तर्गत प्रथम बार अल्पसंख्यक बाहुल्य क्षेत्रों में कक्षा 6 से 10 तक के 10 हजार 400 अल्पसंख्यक विद्यार्थियों को डिजिटल साक्षर किया जा रहा है। 
  • राज्य में जैतून के बगीचों की स्थापना एक नवाचार के रूप में करवाई जा रही है। 
  • भारत सरकार द्वारा राज्य को गेहूं उत्पादन में उत्कृष्ट प्रदर्षन के लिये कृषि कर्मण अवार्ड 2015 हेतु चयनित किया गया है। 
  • किसान कलेवा योजना 2014 के अन्तर्गत कृषकों एवं मंडी में कार्यरत मजदूरों को 5 रुपये में कलेवा उपलब्ध करवाकर लाभान्वित किया गया है। 
  • वर्तमान सरकार के कार्यकाल में 11 स्वतंत्र मण्डियों की स्थापना की घोषणा कर शाहपुरा (भीलवाड़ा) तथा महवा (दौसा) स्वतंत्र मण्डी स्थापित की जा चुकी है। 
  • कृषि उपज मंडी समितियों में कार्यरत अनुज्ञप्तिधारी हम्मालों एवं पल्लेदारों को सहायता उपलब्ध कराने हेतु महात्मा ज्योतिबा फूले मंडी श्रमिक कल्याण योजना-2015 लागू की गई है। इस योजना के तहत अनुज्ञप्तिधारी हम्मालों एवं पल्लेदारों को गंभीर बीमारी की दशा में सरकारी अस्पताल/स्वास्थ्य केन्द्रों में भर्ती रहने पर चिकित्सा व्यय की प्रतिपूर्ति अधिकतम 20 हजार रूपये तक स्वीकृत की जाएगी। महिला अनुज्ञप्तिधारी हम्माल एवं पल्लेदार को अधिकतम दो प्रसूतियों के लिए सहायता राशि एवं विवाह के लिए भी सहायता देय होगी। इनके मेधावी छात्र-छात्रा को भी छात्रवृति दी जाएगी। 
  • वर्षा जल, सतही जल, मृदा जल एवं भू-जल के समुचित उपयोग हेतु  फोर वाटर कन्सेप्ट को सम्पूर्ण राज्य में लागू किया जाकर वर्तमान में माही, चम्बल, साबरमती, लूनी, सूकली एवं पश्चिमी बनास बेसिन में 351 माइक्रो सिंचाई योजनाओं एवं 195 चैक डेम के 1 हजार 441 करोड़ रुपये के कुल 546 कार्य स्वीकृत किये गये हैं। 
  • राजस्व विभाग द्वारा 18 मई 2015 से 31 जुलाई 2015 तक आयोजित ‘राजस्व लोक अदालत अभियान: न्याय आपके द्वार, 2015‘ के दौरान विभिन्न प्रकार के कुल 21 लाख 43 हजार 54 प्रकरणों का रिकाॅर्ड निस्तारण किया गया। इसी प्रकार 12 दिसम्बर, 2015 को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 85 हजार 115 प्रकरणों का भी निस्तारण किया गया है।
  • ई-धरती  के अन्तर्गत राज्य की समस्त तहसीलों में आधुनिक उपकरणों से लैस माॅडर्न रिकाॅर्ड रूम की स्थापना किए जाने की योजना के प्रथम चरण में 43 तहसीलों में कार्य शुरू कर दिया गया है। 
  • गुरू गोलवलकर जनभागीदारी विकास योजना में वर्ष 2015-16 में 100 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। माह दिसम्बर, 2015 तक 270 कार्यों पर लगभग 78 करोड़ रुपये व्यय किये जा चुके हैं। 
  • स्वच्छ भारत मिषन के अंतर्गत शौचालय निर्माण में राजस्थान देशभर में प्रथम स्थान पर है। बीकानेर को प्रदेश का पहला खुले में शौच से मुक्त जिला घोषित किया गया है। 
  • जलग्रहण क्षेत्र में नवीनतम तकनीकी के उपयोग को भारत सरकार  द्वारा सराहना करते हुए राज्य के जलग्रहण एवं भूसंरक्षण विभाग को भारत सरकार द्वारा बेस्ट प्रेक्टीसेज आॅफ जीआईएस का पुरस्कार प्रदान किया गया है।
  • राजस्थान को-आॅपरेटिव डेयरी फेडरेषन का दुग्ध विपणन के क्षेत्र में भारत में चैथा स्थान है। 30 दिसम्बर 2015 को इंडिया हैबिटेट सेन्टर, नई दिल्ली में आर्थिक अध्ययन संस्थान द्वारा आरसीडीएफ को उद्योग रत्न एवं उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित किया गया।  
  • शहरी क्षेत्रों में आर्थिक दृष्टि से कमजोर व अल्प आय वर्ग के परिवारों को सस्ते आवास उपलब्ध कराने की दृष्टि से 'मुख्यमन्त्री जन आवास योजना-2015' प्रारम्भ की गई है। इस योजनान्तर्गत आगामी वर्ष में लगभग 75 हजार आवासों का निर्माण कराये जाने का लक्ष्य रखा गया है। 
  • राज्य सरकार द्वारा विभिन्न संस्थाओं को भूमि आवंटन में पारदर्शिता हेतु 'राजस्थान के नगरीय क्षेत्रों में विभिन्न उद्देश्यों के लिये भूमि आवंटन नीति-2015' जारी की गयी है।
  • नगरीय विकास विभाग द्वारा रिसर्जेन्ट राजस्थान के तहत विकास में सहयोग करने के लिये आये 56 निवेशकों के साथ आवासीय, संस्थानिक, चिकित्सा, औद्योगिक, पर्यटन एवं अन्य कार्यों के क्षेत्र में 22 हजार 581 करोड़ रुपये के एम.ओ.यू. किये गये हैं।
  • राज्य के शहरों के सुनियोजित विकास की दृष्टि से कुल 184 में से 183 शहरों के मास्टर प्लान लागू किये जा चुके है।
  • शहरी विकास मन्त्रालय भारत सरकार द्वारा 27 नवम्बर 2015 को जयपुर मेट्रो रेल परियोजना (फेज 1 ए) को 'बेस्ट अरबन मास ट्रांजिट प्रोजेक्ट' कैटेगरी में कमेंडेबल इमर्जिंग इनिशियेटिव के रूप में विशेष अवार्ड प्रदान किया गया है। 
  • स्वायत्त शासन संस्थाओं में पार्षद का चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम दसवीं तक की शिक्षा, घर में कार्यशील स्वच्छ शौचालय एवं परिवार के खुले में शौच नही जाने की अनिवार्यता लागू करने का अध्यादेश 21 जुलाई 2015 को जारी किया गया।
  • अमृत योजनान्तर्गत राज्य के सात संभागीय मुख्यालयों सहित 29 शहरों में मूलभूत सुविधाओं के विकास की योजनाएं लागू की जा रही हैं। अमृत योजना के तहत इन शहरों के विकास के लिए 919 करोड़ रूपये की योजना भारत सरकार द्वारा स्वीकृत की जा चुकी है।
  • सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत जनसाधारण को उचित मूल्य दुकानों पर उच्च गुणवत्ता की मल्टी-ब्राण्ड वस्तुएं उचित दर पर उपलब्ध कराने हेतु देश की पहली आधुनिक पीडीएस योजना 'अन्नपूर्णा भण्डार' का शुभारम्भ 31 अक्टूबर, 2015 से कर एक नये दौर की शुरूआत की गई है। 
  • रिसर्जेन्ट राजस्थान 2015 के अन्तर्गत पर्यटन क्षेत्र में कुल 139 एम.ओ.यू. निजी क्षेत्र के उद्यमियों के साथ निष्पादित किये गये जिनमें लगभग 6 हजार 277 करोड़ रुपये का निवेष तथा 20 हजार व्यक्तियों को रोजगार संभावित है। 
  • सरकार द्वारा खनिज क्षेत्र के सर्वांगीण विकास हेतु नई खनिज नीति, 2015 घोषित की गई जिसमें खनन पट्टों का आवंटन पारदर्शी तरीके से किये जाने के साथ खनन पट्टाधारियों के विभाग में होने वाले विभिन्न कार्यों का सरलीकरण किया गया है। खनिजों का मूल्य संवर्द्धन तथा खनन क्षेत्र में रोजगार सृजन को प्राथमिकता देने का प्रावधान किया गया है। पारदर्शिता बढ़ाने के लिए खनन रियायतों को नीलामी द्वारा आंवटित किये जाने का प्रावधान किया गया है। खनन पट्टों के आवेदन पत्र एवं खनिज निर्गमन के रवन्ना आॅन लाईन देना प्रारम्भ किया गया है। रेन्ट एवं राॅयल्टी को ई-ग्रास से या ई-मित्र पर जमा कराने की सुविधा प्रदान की गई है।
  • वर्तमान में लगभग 1 लाख 70 हजार बैरल प्रतिदिन खनिज तेल के उत्पादन से राजस्थान देश के भूमीय क्षेत्र में अग्रणी तेल उत्पादक राज्य हो गया है। इस उल्लेखनीय उपलब्धि के फलस्वरूप राजस्थान ने विश्व तेल मानचित्र पर अहम् स्थान बना लिया है ।
  • 5 नवम्बर, 2015 को नवीन सूचना प्रौद्योगिकी नीति, 2015 जारी की गयी है।
  • विभाग द्वारा राज्य में पेटेन्ट को बढ़ावा देने हेतु क्षेत्रीय कार्यालय मे पेटेन्ट सुविधा केन्द्र का गठन किया जा चुका है। राज्य में बायोटेक के क्षेत्र में प्रदेश की प्रगति हेतु बाॅयोटेक नीति-2015 जारी की जा चुकी है। जयपुर एवं जोधपुर में भारत सरकार की मदद से दो नये इनोवेशन हब स्थापित किये जायेगें जिससे नवयुवक वैज्ञानिकों को अनुसंधान में मदद मिलेगी।
  • सुशासन के लिए सरकार ने राज्य में विद्यमान 18 विभागों के अप्रचलित, अप्रासंगिक एवं निरसन योग्य 61 मूल अधिनियम तथा 187 संशोधन अधिनियम चिन्हित कर इन 248 कानूनों को विधि आयोग का गठन किये बिना मात्र 6 माह की अवधि में निरस्त करने का अभूतपूर्व कार्य किया है।
  • राजस्थान के युवाओं को कौशल विकास एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने हेतु कौशल, नियोजन एवं उद्यमिता विभाग का गठन कर कार्यशील किया जा चुका है। राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम, आईटीआई, रोजगार मेला तथा विभिन्न विभागों व एजेन्सियों के स्तर पर प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 6 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण, स्वरोजगार, उद्यमिता एवं रोजगार के अवसर उपलब्ध कराये गये। कौशल विकास को बढ़ावा देने हेतु औद्योगिक घरानों के सहयोग से विभिन्न पाठ्यक्रम प्रारंभ किए गए हैं और अब कोई भी जिला ऐसा नहीं है, जहां इस तरह का पाठ्यक्रम संचालित नहीं हो रहा हो। 
  • रिसर्जेन्ट राजस्थान पार्टनरशिप समिट नवम्बर, 2015 के दौरान 11 बड़ी कम्पनियों से अनुबन्ध कर आगामी वर्षो में हजारों युवाओं को रोजगारपरक कौशल प्रशिक्षण हेतु मार्ग प्रशस्त किया गया।  
  • पर्यटकों के भ्रमण हेतु विकसित की गई ईको-टूूरिज्म साइटस यथा मेनाल एवं हमीरगढ (भीलवाड़ा), बस्सी एवं सीतामाता (चित्तौडगढ़), सुन्डामाता (जालौर), गुढ़ाविष्नोईयान (जोधपुर), मुकन्दरा हिल्स राष्ट्रीय उद्यान एवं भैंसरोडगढ़ को पर्यटकों के लिए खोल दिया है।
  • केस दर्पण नाम से तैयार किये गये साॅफ्टवेयर के माध्यम से सीआईडी (सीबी) द्वारा अनुसंधानरत अभियोगों की पत्रावलियों का स्टेटस एवं उनका अपडेशन आॅनलाइन होगा।
  • इस सत्र में निम्नलिखित विधायी कार्य के साथ-साथ अन्य वित्तीय कार्य सम्पादन हेतु आपके समक्ष विचारार्थ रखे जायेंगेः-
  • राजस्थान राज्य विद्युत् वितरण प्रबंध उत्तरदायित्व विधेयक, 2016
  • राजस्थान पंचायती राज (संशोधन) विधेयक, 2016
  • सांई तिरूपति विश्वविद्यालय, उदयपुर विधेयक, 2016
  • राज्य सरकार के गत दो वर्ष के कार्यकाल के दौरान राजस्थान के 6 खिलाडि़यों ने इंचियाॅन एशियाई खेलों में पदक जीतकर राज्य व देश का अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मान बढ़ाया है। पदक विजेताओं में तीरंदाज रजत चैहान, कबड्डी खिलाड़ी नवनीत गौतम व सुमित्रा शर्मा ने जहां स्वर्ण पदक जीते, वहीं हैमर थ्रोअर मंजूबाला ने रजत पदक और शूटर शगुन चैधरी व रोवर बजरंगलाल ताखर ने कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा। सुश्री अपूर्वी चंदेला ने भी काॅमनवेल्थ गेम्स में निषानेबाजी में स्वर्ण पदक जीता। राज्य सरकार द्वारा पदक विजेताओं को कैश अवाॅर्ड बांटे गये। 
  • वर्ष 2015 में राजस्थान पुलिस ने भी खेलकूद के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित की। उप निरीक्षक श्रीमती सपना ने फेयरफेक्स वर्जीनिया (यू.एस.ए.) में आयोजित हुई वल्र्ड पुलिस एवं फायर गेम्स-2015 में भाग लेकर 5 किलोमीटर वाॅक में स्वर्ण पदक प्राप्त किया।

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